सतना जिला अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी और दवा वितरण व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। सीएमएचओ और सिविल सर्जन ने खुद प्रक्रिया परखी। पांच संस्थानों में मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा, लेकिन पैथोलॉजी जांच सिस्टम अटक रहा है।
जिला अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस पार्किंग संबंधी प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। खोवा मंडी पार्किंग खाली रहने के बावजूद अस्पताल परिसर में कई एम्बुलेंस खड़ी मिलीं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे।
सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में अजगर का बच्चा मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सतना जिला अस्पताल के पार्किंग टेंडर पर नया विवाद खड़ा हो गया है। ठेका मिलने के बावजूद पार्किंग स्थल को लेकर ठेकेदार और प्रबंधन आमने-सामने हैं। मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई महज दो दिन में बेअसर दिखी। ठेले, गुमटियां और अवैध पार्किंग फिर लौट आईं, जबकि एम्बुलेंसों के लिए बनाई गई नई व्यवस्था भी धरातल पर नहीं उतरी।
जिला अस्पताल मार्ग को जाममुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अवैध पार्किंग में खड़े वाहन जब्त किए गए, लेकिन कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही अस्पताल के सामने फिर से ठेले और गुमटियां सज गईं।
सतना जिला अस्पताल में अराजक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। टीबी वार्ड के सामने युवकों ने स्टंट और अभद्रता की। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं तथा मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा चिंता का विषय बनी है।
सतना जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, स्ट्रेचर की समस्या और टीबी वार्ड की एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करोड़ों खर्च के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
सतना जिला अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के लिए हब सेंटर संचालित है। सात जिलों के 72 मरीजों को मुफ्त इंजेक्शन, डे केयर सेंटर और विशेषज्ञ निगरानी की सुविधा मिल रही है।






















